Led bulb ka avishkar kisne kiya tha?

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Led bulb ka avishkar kisne kiya tha-Very Important

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नमस्कार साथियों!

इम्पोर्टेन्ट ज्ञान के इस सीरीज में आप सभी का तहे दिल से स्वागत है।आज के इस लेख में हम आपको LED का अविष्कार किसने किया था इसके बारे में बताने जा रहे हैं। Led bulb ka avishkar kisne kiya tha 

बिजली के बल्ब का अविष्कार कर अमेरिका के महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने पूरे यूनिवर्स को चौंका दिया था। पूरे संसार को एक नयी रौशनी दिया और आज का भौतिक युग उसके इस योगदान को युगों युगों तक याद करेगा। लेकिन उसके बाद भी निरंतर शोधों का सिलसिला जारी रहा और अब तो और नए नए अविष्कार हो रहे हैं। आज की तारीख में देखा जाय तो साधारण बल्ब की तुलना में काफी बेहतर और टिकाऊ बल्ब का अविष्कार हो रहा है। जो देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता ही है साथ काफी अच्छा प्रकाश और मजबूत और टिकाऊ भी है। Led bulb ka avishkar kisne kiya tha 

इसी तरह के कुछ बल्ब हैं जैसे LED बल्ब और CFL . चूँकि हमारे आज के लेख का विषय है LED बल्ब। मित्रों हम यहाँ पर चर्चा करेंगे की LED बल्ब क्या है? इसका अविष्कार किसने किया था  और इसकी क्या खासियत है? क्यों आज की तारीख में यह लोगों को पसंद आ रहा है। आप हमारे लेख को अंत तक जरूर पढ़ते रहें। Led bulb ka avishkar kisne kiya tha 

LED बल्ब का अविष्कार किसने किया था?

साथियों LED बल्ब के अविष्कार का इतिहास बहुत ही लम्बा और उलझा हुआ है। हमने  इसका इतिहास आपको संक्षेप में समझाने का प्रयास किया है जो आप लोगों के लिए जानना बहुत जरुरी है। यही मुख्य बातें हैं जो आपको हमेशा काम आएँगी। 

LED बल्ब की खोज ब्रिटिश के महान वैज्ञानिक १९०७ में H J Round ने मार्कोनी लैब्रोटरी में किया था।चूँकि जोसेफ राउंड ने जो LED बनाया था उसमें कम रौशनी उत्पन्न होती थी जिससे कुछ भी साफ दिखाई नहीं देता था।अतः इस पर लम्बे समय तक ध्यान नहीं दिया गया। अमेरिका ने लगभग १९६२ में इसका प्रयोग इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के रूप में प्रयोग किया था। इसके बाद भी काफी रिसर्च लगातार होते रहे और कुछ समय तक इसका विस्तृत रूप सामने नहीं आया। 

इसके बाद एक Russian वैज्ञानिक ओलेग लोसेव थे जिन्होंने एक पत्रिका प्रकाशित किया जिसका शीर्षक था “लुमिनोस कार्बोरन्डम डिटेक्टर एंड डिटेक्शन इफ़ेक्ट एंड ऑसिलेशन विथ क्रिस्टल्स” इस लेख में इन्होने एक युक्ति सुझाई और बताया की रेडिओ रिसीवरों में जो डायोड प्रयोग किया जाता जब उसमें से विजली(current) गुजरती है तो इससे प्रकाश उत्पन्न होता है। हालाँकि इनकी ये युक्ति बहुत प्रभावशाली नहीं थी लेकिन आगे इस पर रिसर्च करने के लिए रास्ता खुल गया। 

लेकिन १९६१ ईस्वी में जेम्स आर बॉब बियर्ड जो एक अमरीकन इलेक्ट्रिक इंजिनियर थे और साथ ही गैरी पिटमैन ने इस पर बहुत बड़ा रिसर्च किया और प्रथम इंफ्रारेड LED खोज निकाला। इस समय दोनों वैज्ञानिक एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। प्रोजेक्ट का विषय था “गैस डायोड का विकास।” इस पर काम करते हुए इनको एक युक्ति मिली की जब भी गैलियम आर्सेनाइड बिजली से जुड़ता है तो इससे “इंफ्रारेड लाइट का उत्सर्जन होता है। ” होना क्या था इनको ये बातें समझ में आ गयी और इसका इन्होने पेटेंट भी करा दिया। 

लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि निक होलोनिक ने LED का प्रथम प्रयोग १९६२ में करके इतिहास रचा।इन्होने पहली बार दिखाई देने वाले एलइडी की खोज की थी। तबसे इनको गॉड फादर के रूप में याद किया जाता है। ये LED के गॉड फादर कहे जाते हैं। इन्होने इसमें सेमीकंडक्टर सामग्री गैलियम आर्सेनाइड फास्फाइड तथा प्रेरित उत्सर्जक जैसे तकनीक का यूज़ किया था। 

(Led bulb ka avishkar kisne kiya tha Very Important)

LED का विकसित रूप

जब सबसे पहले इसको व्यावहारिक रूप में लाया गया था तो उस समय इसका प्रकाश लाल रंग का होता था और इससे उत्पन्न प्रकाश की तीब्रता बहुत कम होती थी। शुरू में देखा जाय तो इसका प्रयोग इंडिकेटर लैंप के लिए होता था। लेकिन आग चलकर निक होलोनिक ने LED का अविष्कार पिले और नारंगी रंग के रूप में किया था। लेकिन इसका विकास धीरे धीरे होता गया। इस समय इसका  रंग बहुत ही खूबसूरत रूप में “सफ़ेद रंग का प्रकश” निकलता है। इसका प्रकाश भी काफी तेज हो गया है।इस लिए बिजली की खपत भी इससे कम होती है। (Led bulb ka avishkar kisne kiya tha Very Important)

एलइडी बल्ब क्या होता है?

इसका पूरा नाम “लाइट एमिटिंग डायोड” है। अब यह सबसे ज्यादा प्रकाश और ऊर्जा देता है। अब इसका प्रयोग विभिन्न तरह के डिवाइस के लिए किया जाता है जैसे-ट्रैफिक सिग्नल्स,लिफ्ट,डेकोरेशन और शादी विवाह के पार्टियों में। इसमें सीएफ़एल की तुलना में पारा का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसमें कुछ हानिकारक घटक जैसे लेड और निकल का प्रयोग किया जाता है। इसका पुनर्विकिरण किया जाता है जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता होती है। (Led bulb ka avishkar kisne kiya tha Very Important)

एलइडी बल्ब की विशेषतायें 

  • यह सबसे ज्यादा मजबूत,खूबसूरत और अच्छा प्रकाश देता है। 
  • यह अन्य बल्ब की तुलना में बहुत ही कम बिजली की खपत करता है। 
  • इसकी लाइफ क्षमता अन्य बल्ब की तुलना में पचास हज़ार घंटे ज्यादा होती है। 
  • बाजार में इसकी कीमत अन्य बल्ब की तुलना में ज्यादा होता है। 
  • यह लम्बे समय तक चलता है। 
  • इसका गारंटी पीरियड भी अन्य बल्ब की तुलना में ज्यादा होता है। 
  • जब यह जलता है तो यह गरम नहीं होता है।
  • LED बल्ब के ऊपर का भाग गोल और सफ़ेद प्लास्टिक से ढाका होता है। अगर यह फुट भी जाय तो यह बल्ब का काम करता रहता है। 
  • यह बाजार में सही कीमत पर उपलब्ध हो इसके लिए भारत सरकार ने आम आदमी के लिए एक योजना बना रखा है की आप इलेक्ट्रिक ऑफिस में जाएँ और कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करके मात्र आठ सौ पचास रूपये जमा करके उजाला कंपनी से १० बल्ब प्राप्त करें। इसमें आपको लगभग दो साल की गारंटी भी मिल जाती है। ये विभिन्न वाट के हो सकते हैं आपके आवश्यकता अनुसार। 

LED लाइट के अविष्कार के लिए नोबेल पुरस्कार 

इसामू अकासाकी एवम हिरोशी अमानो और अमेरिका के मुख्य साइंटिस्ट शुजी नाकमुरा को भौतिकी का नोबल पुरस्कार मिला है। इन्होने एक ऐसे डायोड का अविष्कार किया है जो नीला प्रकाश उत्सर्जित करता है।आकासाकी मेयीजो और नागोया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। 

तो देखा मित्रों हम आपके लिए एक सुन्दर लेख प्रस्तुत किये की LED बल्ब क्या होता है और इसका अविष्कार किसने किया था और इसकी क्या विशेषता है। आशा है की ये लेख आप लोगों को पसंद आया होगा। आपके मन में LED बल्ब को लेकर कोई प्रश्न हो तो जरूर पूछें। (Led bulb ka avishkar kisne kiya tha Very Important)

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FAQ 

प्रश्न:-LED बल्ब की मांग दिन पर दिन क्यों बढ़ती जा रही है?

उत्तर:-साथियों! मार्केट हर तरह के बल्ब उपलब्ध हैं लेकिन आज के तारीख में सबसे ज्यादा या तो CFL की मांग है या LED बल्ब की। लेकिन अपनी खूबसूरती और मजबूती लिए हुए LED बल्ब सबका चहेता होता जा रहा। इसके पीछे कई कारण है। एक तो यह छोटा और खूबसूरत है, दूसरा काफी मजबूत है, तीसरा इससे बिजली की खपत बहुत ही कम होती है और चौथा सजावट के लिए  इसका प्रयोग आप कर सकते हैं। 

प्रश्न:-LED बल्ब की खोज किसने किया था?

उत्तर:-LED बल्ब की खोज सबसे पहले ब्रिटिश के महान वैज्ञानिक १९०७ में H J Round ने मार्कोनी लैब्रोटरी में किया था।

प्रश्न:-प्रथम इंफ्रारेड LED की खोज किसने किया था?

उत्तर:-१९६१ ईस्वी में जेम्स आर बॉब बियर्ड जो एक अमरीकन इलेक्ट्रिक इंजिनियर थे और साथ ही गैरी पिटमैन ने एक प्रोजेक्ट पर काम करते हुए ही इसको खोज निकाला और इसका पेटेंट भी कराया। 

प्रश्न:-LED लाइट की खोज के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार किसको मिला है?

उत्तर:-LED लाइट की खोज के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार नोबेल समिति ने Japan के Isamau Akasaki Hiroshi Amano एवं America के महान वैज्ञानिक Shuji Nakamura को दिया है। 

प्रश्न:-LED बल्ब आम आदमी तक आसानी से पहुंचे इसके लिए भारत सरकार की क्या योजना है?

उत्तर:-मार्केट में चूँकि LED बल्ब बहुत ही महंगे दर पर मौजूद है जिससे सबके लिए खरीदना मुमकिन नहीं है। अतः भारत सरकार ने यह योजना बना रखा है की आप बिजली ऑफिस जाएँ और कुछ जरुरी दस्तावेज जमा करें और मात्र ८५० रुपये में दस LED बल्ब विभिन्न्न वाटस में प्राप्त करें। 

प्रश्न:-LED के गॉड फादर के रूप में किसको जाना जाता है?

उत्तर:-LED के गॉड फादर के रूप में Nick होलोनिक को जाना जाता है। इन्होने १९६२ ईस्वी में LED का प्रथम प्रयोग किया था। तबसे यह इतिहास ही बन गया।


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