CFL ka avishkar kisne kiya Very Important

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CFL ka avishkar kisne kiya?

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नमस्कार साथियों!

इम्पोर्टेन्ट ज्ञान के इस सीरीज में आप सभी का स्वागत है।इससे पहले के लेख में हमने बल्ब और LED बल्ब के बारे में चर्चा किया है, वो लेख अपने नहीं पढ़ा है तो उसको जरूर पढ़ें। आज के लेख का विषय है CFL क्या होता है और इसका अविष्कार किसने किया था।हम आज के इस लेख में इसके बारे में विस्तार से पढ़ेंगे। (CFL ka avishkar kisne kiya in Hindi)

भूमिका 

जब लाइट और बल्ब के अविष्कार की क्रांति पुरे विश्वभर में फैला तो उसके बाद इलेकट्रॉनिक के क्षेत्र में एक बाढ़ सा आ गया। रोज नए नए अविष्कार होते गए और बल्ब का रूप भी बदलता गया। पहले नॉर्मल बल्ब बिकते थे जिसकी कीमत तो बहुत ही कम था लेकिन इससे बिजली की खपत बहुत ज्यादा होता था। चूँकि ये नार्मल बल्ब आज भी मार्केट में उपलब्ध है लेकिन इसकी डिमांड बहुत कम है। अर्थात ना के बराबर। इसकी जगह या तो CFL ने ले लिया या LED बल्ब ने।  (CFL ka avishkar kisne kiya in Hindi)

CFL क्या होता है?

यह एक इलेक्ट्रॉनिक बल्ब होता है और यह ऑर्गन से बना होता है। इसमें पारा का प्रयोग छोटी मात्रा में होता है।इसमें एक ग्लास ट्यूब और दो इलेक्ट्रोड्स का प्रयोग होता है।इससे बिजली की खपत भी कम होती है।यह ऊर्जा भी ज्यादा देता है। CFL बल्ब देखने में भी अच्छा लगता है और इसकी उम्र भी कभी ज्यादा होता है साधारण बल्ब के अपेक्षा।

भले ही इसकी कीमत ज्यादा होती है लेकिन आप मार्केट से वारण्टी पीरियड में लेते हैं तो आप इसको लम्बे समय तक प्रयोग कर सकते हैं। इसका प्रकाश भी ज्यादा और अच्छा होता है। ये साधारण बल्ब की अपेक्षा गर्म नहीं होता है। आज कल सबके घरों की रौशनी यही तो बढ़ा रहा है। इसका पूरा नाम “कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लैंप।”  

किसने CFL का अविष्कार  किया 

सबसे पहले CFL का अविष्कार सन १८९०(1890) में अमेरिका के वैज्ञानिक और इलेक्ट्रिक इंजिनियर पीटर कूपर हैविट ने किया था।इन्होनें इस समय तक इसका पेटेंट भी करा लिया था। लेकिन साथियों इसकी कीमत भी ज्यादा थी और ये कमर्शियल प्रयोग के लिए ही होता था जैसे-फोटोग्राफिक स्टूडियो और इंडस्ट्रीज में। इसका घरेलु उपयोग मुश्किल था। हालाँकि आम जन के बीच प्रथम फ्लोरोसेंट लाइट बल्ब 1939 में प्रस्तुत किया गया था (CFL ka avishkar kisne kiya in Hindi)   

इसके बाद चूँकि साधारण बल्ब से बिजली की खपत ज्यादा हो रही थी अतः इस समस्या को ख़त्म करने के लिए अमेरिका के एक इलेक्ट्रिक इंजिनियर और वैज्ञानिक एडवर्ड हैम्मर ने CFL में कुछ सुधार कर प्रस्तुत किया १९७६(1976) ईस्वी में। यह Spiral था। हालाँकि कुछ अनुमानित लागत को देखते हुए इसका काम आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद नीदरलैंड(फिलिप्स) और जर्मनी(आसरम कंपनी) की कंपनी १९८० और १९८५ के बीच CFL बल्ब को मार्केट में उतारा इसके बाद तो चीन देश ने तो इसमें क्रांति ही ला दिया और अब इसका प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है।

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CFL काम कैसे करता है?

प्रकाश उत्पन्न करने के लिए इसमें पोर्ट लगा रहता है। इसमें विद्युत् प्रवाह करने के लिए जो तार होता है वह फिलामेंट से गुजरता है।यह प्रकाश देने के लिए फिलामेंट को गर्म करता है। विद्युत् पास होने के लिए ऑर्गन गैस और पारा के मिश्रण वाली इसमें ट्यूब लगी होती है। यह वाष्प को सक्रीय कर देता है और पराबैंगनी प्रकाश उत्सर्जित करता है। अब जब ये पराबैंगनी प्रकाश इसमें लगे कांच के ट्यूब पर पड़ता है तो यह सफ़ेद प्रकाश में परिवर्तित हो जाता है।  (CFL ka avishkar kisne kiya in Hindi)

CFL की विशेषता:-

साधारण बल्ब की अपेक्षा CFL मजबूत और लम्बे समय तक चलने वाला होता है। ये साधारण बल्ब की अपेक्षा ज्यादा ऊर्जा देता है। बिजली की खपत भी कम होती है और प्रकाश भी सफेद होने के कारण आज के डेट में लोगों का पसंदीदा बन चूका है। इससे साधारण बल्ब मार्केट से बाहर होता जा रहा है। हालाँकि CFL को टक्कर देने के लिए मार्केट में LED बल्ब अपनी जगह  बना रहा है। LED बल्ब CFL की तुलना में काफी ठीक है।  (CFL ka avishkar kisne kiya in Hindi)

तो साथियों मैंने आपको अपने इस लेख के माध्यम से CFL क्या होता है और इसका अविष्कार कौन किया था इसके बारे में बताने का पूरा प्रयास किया है। फिर भी CFL के बारे में कोई प्रश्न हो तो जरूर पूछें। fluorescent lamp

FAQ

प्रश्न:-CFL का full form क्या है?

उत्तर:-CFL का full form होता है-Compact Fluorescent lamp.

प्रश्न:-CFL का आविष्कार किसने किया था?

उत्तर:-CFL का आविष्कार सन १८९०(1890) में अमेरिका के वैज्ञानिक और इलेक्ट्रिक इंजिनियर पीटर कूपर हैविट ने किया था । 

प्रश्न:-स्पाइरल CFL का आविष्कार कब हुआ था?

उत्तर:-स्पाइरल CFL का आविष्कार अमेरिका के एक इलेक्ट्रिक इंजिनियर और वैज्ञानिक एडवर्ड हैम्मर ने CFL में कुछ सुधार कर प्रस्तुत किया १९७६(1976) ईस्वी में।यह एक अद्भुत प्रयोग था आम जन के लिए । 

प्रश्न:-CFL को टक्कर देने के लिए किस प्रकार के बल्ब का आविष्कार किया गया है?

उत्तर:-CFL को टक्कर देने के लिए एलईडी जैसे बल्ब को मार्केट में उतारा गया है ।यह सीएफ़एल की तुलना में काफी बेहतर और टिकाऊ है । 

प्रश्न:-CFL में कौन सी गैस होती है ?

उत्तर:-CFL में विद्युत् पास होने के लिए ऑर्गन गैस और पारा के मिश्रण वाली इसमें ट्यूब लगी होती है। यह आर्गन से बने होते हैं । 

प्रश्न:-CFL में L का क्या मतलब होता है?

उत्तर:- CFL में L का मतलब है-Lamp 


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